भारत की प्रसिद्ध ठंडी जगह दार्जिलिंग(Darjiling)

आजकल पर्यटन मानव समाज का एक मूलभूत घटक बन गया है, लोग अपना दिमाग फ्रेश करने के लिए पर्यटन में आने के लिए हर प्रयास करते हैं जिससे कि उनका माइंड फ्रेश हो तरो ताज हो। पर्यटकों के लिए सबसे ज्यादा फेवरेट मौसम तो बारिश का ही है, क्योंकि बारिश के दिनों में पर्यटन स्थल स्वर्ग जैसे बन जाते हैं, इसीलिए बारिश के मौसम में घूमना पर्यटकों को बहुत अच्छा लगता है। भारत एक ऐसा देश है जिसमें बहुत से ठंडे पर्यटन स्थल है जो बारिश के समय में बहुत ही अच्छे दिखते हैं, और वहां का मौसम बारिश की वजह से बहुत ही लुभावना होता है। आज हम एक ऐसे ही पर्यटन स्थल देखने वाले हैं उसका नाम है दार्जिलिंग(Darjiling), यह पर्यटन स्थल अपनी हरी भरी पर्वतीयदृश्य से सजा हुआ है, और दिखने में स्वर्ग से कम नहीं है। दार्जिलिंग भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित है, यह नगर अपनी ऊंची पर्वत पहाड़ियों की वजह से प्रसिद्ध है। दार्जिलिंग नगर की ऊंचाई लगभग 2134 मी है। यह नगर चाय की खेती के लिए भी प्रसिद्ध है यहां की चाय की खेती विश्व में सर्वश्रेष्ठ हैं। पूरे भारत में दार्जिलिंग की दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे एक प्रसिद्ध स्थल है। दार्जिलिंग भारत के शीर्ष पर्यटन स्थलों में आता है क्योंकि यहां का वातावरण बेहद ही खास होता है।

परिचय

दार्जिलिंग भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित है, यह नगर अपनी ऊंची पर्वत पहाड़ियों की वजह से प्रसिद्ध है। दार्जिलिंग नगर की ऊंचाई लगभग 2134 मी है। यह नगर चाय की खेती के लिए भी प्रसिद्ध है यहां की चाय की खेती विश्व में सर्वश्रेष्ठ हैं। पूरे भारत में दार्जिलिंग की दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे एक प्रसिद्ध स्थल है। दार्जिलिंग भारत के शीर्ष पर्यटन स्थलों में आता है क्योंकि यहां का वातावरण बेहद ही खास होता है।

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प्राकृतिक सौंदर्य

इस जगह का नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य दार्जिलिंग को एक विशिष्ट आकर्षण बनाता है, जिसकी वजह से दार्जिलिंग में सालाना हजारों पर्यटक आते रहते हैं। यहां का उच्च बर्फीली पहाड़ियों का रमणीय दृश्य, यहां का हरा भरा वातावरण, यहां के वन्यजीवों का रमणीक दृश्य देखने लायक है। और जब बारिश का मौसम शुरू होता है तो इस नगर का दृश्य स्वर्ग जैसे बन जाता है बारिश के समय यहां के रस्ते और यहां के पेड़ पौधे बेहद ही खूबसूरत दिखने लग जाते हैं। वन्यजीवों की कई प्रजातियों का संवर्धन आपको दार्जिलिंग के आसपास के क्षेत्र में देखने को मिलेगा, इसमें आपको रेड पांडा ब्लैक बियर स्लो लोरीस और विभिन्न प्रकार की प्रजाति आपको देखने को मिलेगी।

पुराने सांस्कृतिक धरोहर

दार्जिलिंग में रहने वाले आदिवासी अपने सांस्कृतिक धरोहर को हमेशा सुरक्षित रखते हैं, यह आदिवासी अपनी पूर्वजों से चली हुई परंपरा और रीतियो का अच्छे से पालन करती है। उनकी परंपराओं में उन लोगों का नृत्य, गायन और कला शामिल है। इन परंपराओं को अच्छे से पालन करने की वजह से पर्यटकों को इसका असली आनंद मिलता है, पर्यटकों को इसका एक अलग ही सुकून मिलता है, जो कि दुनिया से कुछ अलग दिखता है। दार्जिलिंग का स्थानीय बाजार और वहां की गलियां भी पुरानी शिल्प और कला को दिखाने के रुप में काम आते हैं। दार्जिलिंग के इस असलियतता और यहां की पुराने नियम और संस्कृति के प्रति अच्छा लगाव, पर्यटकों को बहुत आकर्षक करता है, इसीलिए वहां हर साल भारी मात्रा में पर्यटक आते रहते हैं।

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घूमने के लिए सर्वोत्तम समय

दार्जिलिंग में घूमने का सर्वोत्तम समय अप्रैल से जून तक सितंबर से नवंबर तक होता है। क्योंकि इस महीनों में वहां पर बारिश का मौसम होता है, और इसी वजह से वहां मौसम बेहद ही खूबसूरत और ठंडा रहता है जो कि पर्यटकों को चाहिए होता है। सर्दी के मौसम में यहां पर बर्फ की बारिश होती है, और बर्फ की बारिश की वजह से यहां का दृश्य पर्यटकों का मन आनंद से भर देता है। इसके बाद गर्मियों में भी यहां का वातावरण ठंडा ही रहता है।

खास आकर्षण

दार्जिलिंग में पर्यटकों के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां है, जो कि उनका मन मोह लेने के लिए काफी है। यहां की गतिविधियों का आनंद अपने साथी के साथ बेहद ही आता है। यहां के सूर्योदय और सूर्यास्त को अपनी आंखों से देखना बेहद ही रोमांचकारी होता है। यहां का टाइगर हिल, बतासिया लूप और जापानीज पीस पगोड़ा पर्यटकों को ज्यादा पसंद आता है।

निष्कर्ष

दार्जिलिंग पर्यटकों के लिए बेहद ही आकर्षक स्थल है, यह स्थल भारत में तो प्रसिद्ध है ही बल्कि विदेशी पर्यटकों में भी बेहद प्रिय है। इस जगह की नैसर्गिक सुंदरता, पूर्वजों से आए हुए सांस्कृतिक धरोहर और पुराने शिल्प इसे एक विशिष्ट पर्यटन स्थल बनाता है। आप इस समय का आनंद उठाने के लिए अच्छा समय चुनकर आ सकते हैं, और यहां की अलग-अलग प्रकार की गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं।

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